भारत के T20 कप्तान: पहले से लेकर अभी तक

कप्तानी हर किसी के बस की बात नहीं है, खासकर जब फॉर्मेट T20 क्रिकेट का हो। बनाई गई रणनीति में एक छोटी सी गलती सारे किए कराए पर पानी फेर सकती है क्योंकि इसमें गलत निर्णय लेने की गुंजाइश बहुत कम होती है।

जहां भारतीय T20 कप्तान के रूप में विराट कोहली और रोहित शर्मा के आंकड़े प्रभावशाली हैं, वहीं एमएस धोनी T20 फॉर्मेट में सबसे सफल भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम कप्तान के रूप में सबसे आगे हैं।

धोनी की जीत का प्रतिशत उनके बाद के कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा से कम है, लेकिन आंकड़े अक्सर कहानी का केवल एक हिस्सा ही बताते हैं। धोनी के ट्रैक रिकॉर्ड में 2007 में उद्घाटन T20 विश्व कप खिताब जीतना भी शामिल है – जो भारत के T20 क्रिकेट खिताब में एकमात्र उपलब्धि है। धोनी ने 2014 में भारत को उपविजेता बनाने में भी मदद की – अब तक यही एक उपलब्धि है जिसकी बराबरी उनके बाद के कप्तानों द्वारा की जा सकी है।

धोनी की कप्तानी 2007 से 2016 तक 72 T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों तक चली, जो भारतीय T20 कप्तान के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल है। वह दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता, धैर्य और शांत नेतृत्व के साथ युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते थे।

1 दिसंबर, 2006 को जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने पहले T20 मैच में वीरेंद्र सहवाग के नेतृत्व में भारत के प्रदर्शन के बाद से पुरुष क्रिकेट में कुल 13 भारतीय T20 कप्तान हुए हैं। पहले T20 मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के दिए 126/9 रनों के लक्ष्य को 19.5 ओवर में छह विकेट शेष रहते हासिल कर लिया था।

हरफनमौला हार्दिक पांड्या, जिन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने के लिए रोहित शर्मा का उत्तराधिकारी माना जाता है। धोनी, कोहली और शर्मा के बाद पांड्या 10 से अधिक T20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की कप्तानी करने वाले चौथे खिलाड़ी हैं।

जसप्रीत बुमराह T20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का नेतृत्व करने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं, जबकि रुतुराज गायकवाड़ हांगझोऊ 2023 में भारतीय टीम को पहले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले गेंदबाज हैं।

आइए भारतीय T20 कप्तानों के रिकॉर्ड्स पर एक नज़र डालें

पुरुष क्रिकेट में भारतीय T20 कप्तान

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